परशुराम जयंती पर पट्टी में फरसा स्थापना की मांग तेज,राजा सक्षम सिंह योगी बोले—“आज रोका गया, भविष्य में हर हाल में होगा स्थापित”,उड़ैयाडीह मोड़ को “भगवान परशुराम तिराहा” घोषित करने की उठी मांग,
परशुराम जयंती पर पट्टी में फरसा स्थापना की मांग तेज,
राजा सक्षम सिंह योगी बोले—“आज रोका गया, भविष्य में हर हाल में होगा स्थापित”,
उड़ैयाडीह मोड़ को “भगवान परशुराम तिराहा” घोषित करने की उठी मांग,
पट्टी।भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर भारतीय युवा विद्यार्थी संगठन विद्यार्थी परिषद द्वारा जनपद प्रतापगढ़ के पट्टी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मांग उठाई गई। संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा सक्षम सिंह ‘योगी’ ने पट्टी के उड़ैयाडीह मोड़ (तिराहे) को “भगवान परशुराम तिराहा” घोषित किए जाने तथा वहां भगवान परशुराम जी के प्रतीक स्वरूप एक विशालकाय फरसा स्थापित करने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी।बताया गया कि यह मांग भगवान परशुराम शोभा यात्रा निकाले जाने से पूर्व ही प्रशासन को अवगत करा दी गई थी, लेकिन किन्हीं कारणोंवश इसके लिए अनुमति नहीं दी गई। इस पर राजा सक्षम सिंह ‘योगी’ ने प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि फरसा स्थापना को रोके जाने के पीछे स्पष्ट कारण बताए जाएं।उन्होंने कहा, “हम विधि और कानून का पालन करने वाले लोग हैं, इसलिए प्रशासन का सम्मान करते हुए आज स्थापना नहीं की गई है। लेकिन निकट भविष्य में जनसमर्थन और पूर्ण शक्ति के साथ फरसा स्थापना अवश्य करेंगे—इसकी आज हम उद्घोषणा करते हैं।”उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की कि इस निर्णय के पीछे के कारणों को लिखित रूप में जल्द से जल्द सार्वजनिक किया जाए।राजा सक्षम सिंह ‘योगी’ ने कहा कि भगवान परशुराम किसी एक वर्ग के नहीं, बल्कि सम्पूर्ण सनातन समाज एवं विश्व के हैं। वे भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं, जिनकी शिक्षाएं और आदर्श समस्त मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं।कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण-क्षत्रिय एकता का भी सशक्त संदेश दिया गया, जो सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकजुटता की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया। संगठन ने प्रशासन से जल्द आधिकारिक घोषणा की मांग की है, ताकि जनभावनाओं का सम्मान हो सके और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ किया जा सके।
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