मन में श्रद्धा विश्वास और संकल्प हो तो भगवान अवश्य मिलेंगे, शिवेंद्र मणि त्रिपाठी,बेलखरनाथ धाम के महोखरी गांव में चल रही है सात दिवसीय कथा ,
मन में श्रद्धा विश्वास और संकल्प हो तो भगवान अवश्य मिलेंगे, शिवेंद्र मणि त्रिपाठी, बेलखरनाथ धाम के महोखरी गांव में चल रही है सात दिवसीय कथा , पट्टी।मन में श्रद्धा विश्वास और संकल्प हो तो भगवान अवश्य मिलेंगे। उक्त बातें बाबा बेलखरनाथ धाम के महोखरी गांव में मुख्य यजमान लाल बिहारी पाठक विद्या देवी जगदीश प्रसाद गायत्री देवी व अवध बिहारी पाठक द्वारा आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा वाचक शिवेंद्र मणि त्रिपाठी महाराज ने कही। उन्होंने ने कथा के तीसरे दिन ध्रुव चरित्र का वर्णन सुनाते हुए बताया कि राजा उत्तानपाद के पुत्र ध्रुव को उनकी सौतेली मां सुरूचि ने उन्हें अपमानित था जब वह अपने पिता के गोद में बैठना चाहते थे। सौतेली माता के कठोर वचनों से बालक ध्रुव के हृदय को आहत कर दिया। इस बात से दुखी होकर ध्रुव अपनी माता सुनीति के पास पहुंचे तब माता ने उन्हें भगवान की शरण में जाने का मार्ग बताया। ध्रुव पांच वर्ष की आयु में वन निकल गए और भगवान का जपनाम करने लगे।उनकी तपस्या से तीनों लोक विचलित हो उठा। कथावाचक ने कहा मन में श्रद्धा विश्वास हो तो भगवान का आशीर...