स्वस्थ शरीर ,स्वस्थ मस्तिष्क से ही लक्ष्य प्राप्ति संभव-प्रो०विनीता यादव

स्वस्थ शरीर ,स्वस्थ मस्तिष्क से ही लक्ष्य प्राप्ति संभव-प्रो०विनीता यादव
पट्टी।मानव शरीर की विधाता की सबसे अनुपम देन है मानव के पास विधाता ने मस्तिष्क दिया है और जब मानव अपने शरीर को ,अपने मस्तिष्क को स्वयं से स्वस्थ रखता है तभी जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना कर सकता है संघर्ष करके लक्ष्य की प्राप्ति कर सकता है। उक्त बातें स्थानीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी प्रतापगढ़ के पं० रामराज शुक्ल सभागार में आयोजित ''महिला सशक्तिकरण में नारी शक्ति वंदन अधिनियम की भूमिका'' पर आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि प्रो० विनीता यादव, कुल सचिव एवं परीक्षा नियंत्रक, प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय प्रयागराज ने अपने उद्बोधन में कही।उन्होंने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि मानव का यह शरीर एक मंदिर की तरह है और इस मानव के शरीर रूपी मंदिर में देवता का निवास है इसलिए मानव को सदैव अपने अंदर विद्यमान देवता की पूजा करनी चाहिए ,इसके साथ ही साथ संतुलित जीवन के लिए मानसिक संतुलन बनाये रखना चाहिए, यदि मानव में सकारात्मक विचार होगा ,सत्य बोलने का पालन करेगा तो निश्चित रूप से वह सुंदर होगा और उसमें शिव का वास होगा आज का यह कार्यक्रम जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आधारित है वास्तव में यदि महिलाएं शिक्षित होकर अपने आप को इतना सशक्त बनाएं और अपने कर्म से अपने आप को इस तरह स्थापित करें कि विपरीत परिस्थितियों में भी चुनौतियों का सामना कर सकें और चट्टान की तरह अडिग रहे तब इस अधिनियम की आवश्यकता ही नहीं होगी। सही-सही में पुरुषों को महिलाओं के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है ,पुरुष आगे आकर महिलाओं को हर क्षेत्र में सहभागी बनाएं, तब एक नए समाज की संरचना होगी और महिलाओं का सम्मान तथा स्वाभिमान सुरक्षित रहेगा। एकदिवसीय संगोष्ठी में मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में आसिन प्रो०प्रदीप कुमार सिंह महामंत्री फुफुक्टा ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत में नारी कभी कमजोर नहीं रही है ,वैदिक काल से लेकर आज तक वह सशक्त रही है ।अगर वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो जाए तब समाज में उनका सम्मान बढ़ेगा और राजनीतिक क्षेत्र में भी उनकी सहभागिता बढ़ेगी ।नारी के पास शक्ति है ,नारी के पास साहस है ,और भले ही सरकार राजनैतिक क्षेत्र में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए संसद के तीन दिन के विशेष सत्र में इस अधिनियम को लागू करने के लिए चर्चा कर रही है ।वास्तव में धरातल पर उनको आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की आवश्यकता है कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० अखिलेश कुमार पाण्डेय ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत करते हुए कहा कि आज सरकार कि यह मनंसा है कि देश की जनसंख्या जो महिला के रूप में उनको नेतृत्व प्रदान करना है ,इसीलिए इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और विधानसभा में आधी सीटों पर इनका प्रतिनिधित्व देना चाहती हैं जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर होकर देश को विकसित राष्ट्र बनाने में अपना योगदान दे सकें एकदिवसीय संगोष्ठी का प्रारम्भ मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलन तथा माल्यार्पण से प्रारंभ हुआ ,कार्यक्रम में सरस्वती वंदना आरती शुक्ल लक्ष्मी गुप्ता ने प्रस्तुत किया अतिथियों के प्रति स्वागत गीत प्रांजली सिंह एवं आर्य पांडेय ने प्रस्तुत किया महाविद्यालय के प्राचार्य जी ने मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि को माल्यार्पण कर, पुष्प गुच्छ ,भेंट कर तथा स्मृति चिन्ह प्रदान कर स्वागत किया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि के द्वारा महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इसके बाद नारी शक्ति बंधन अधिनियम के प्रचार प्रसार हेतु एक पदयात्रा का आयोजन महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा किया गया जिसको हरी झंडी प्रो० विनीता यादव ने दिखाकर महाविद्यालय के मुख्य द्वार से रवाना किया । एकदिवसीय संगोष्ठी का संचालन डॉ रागनी सोनकर ने किया अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापन डॉअनिल यादव के द्वारा किया गया संगोष्ठी का संयोजन,डॉ दिलीप कुमार सिंह ने किया, संगोष्ठी में प्रोफेसर आर बी अग्रहरि, प्रो० मिथिलेश त्रिपाठी, डॉ राकेश पांडेज, डॉ अमित पांडेय,डॉ विकाश सिंह, डॉ अभिषेक तिवारी,अर्चना सिंह, अंजली सिंह,श्वेता सिंह के साथ महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक तथा कर्मचारी गढ़ उपस्थित रहे राष्ट्रगान के साथ एकदिवसीय संगोष्ठी का समापन हुआ उक्त जानकारी महाविद्यालय के जन सूचना अधिकारी डॉक्टर वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने दी।

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