दहेज की मांग ने ली मासूम की जान, विवाहिता को मुंबई से मारपीट कर भगायाउपेक्षा और इलाज के अभाव में दिव्यांग बेटी की मौत, ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप

दहेज की मांग ने ली मासूम की जान, विवाहिता को मुंबई से मारपीट कर भगाया

उपेक्षा और इलाज के अभाव में दिव्यांग बेटी की मौत, ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप
पट्टी। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से त्रस्त एक विवाहिता को मुंबई से मारपीट कर भगा दिए जाने और इलाज के अभाव में उसकी मासूम बेटी की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने ससुराल पक्ष के खिलाफ थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के भीखमपुर गांव निवासी चंदन सरोज पुत्री मुरलीधर सरोज का विवाह 15 जून 2020 को उड़ैयाडीह गांव निवासी प्रेमचंद के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग बुलेट मोटरसाइकिल, डेढ़ लाख रुपये नकद, टीवी और वाशिंग मशीन की मांग को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित करते रहे।पीड़िता के अनुसार, उसे एक दिव्यांग बेटी हुई थी। आरोप है कि बीते 19 मार्च 2026 की रात करीब 11 बजे पति, सास, ससुर, देवर और ननद ने मिलकर दहेज की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट की और उसे मासूम बच्ची सहित मुंबई स्थित आवास से भगा दिया।घटना के बाद पीड़िता ने अपने रिश्तेदारों को सूचना दी, जिसके बाद उसे सहारा मिला और उसके भाई ने उसे वापस भीखमपुर बुला लिया। इसी दौरान उसकी बेटी की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे इलाज के लिए बनारस ले जाया, लेकिन आरोप है कि ससुराल पक्ष ने इलाज में कोई सहयोग नहीं किया।समुचित इलाज न मिलने के चलते मासूम बच्ची ने तीन दिन पूर्व दम तोड़ दिया। बेटी की मौत की सूचना देने के बावजूद भी ससुराल पक्ष का कोई सदस्य न तो देखने आया और न ही कोई सहयोग किया।घटना से आहत विवाहिता मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे अपने भाई व परिजनों के साथ थाने पहुंची और पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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