तरुण चेतना द्वारा धूमधाम से मनाई गई डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती
तरुण चेतना द्वारा धूमधाम से मनाई गई डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती
पट्टी, प्रतापगढ़!तरुण चेतना व डा0 अम्बेडकर युवा संगठन द्वारा आज ग्राम बहुता में संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135 वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को डॉ. अम्बेडकर के विचारों, समानता व शिक्षा के संदेश से जोड़ना था।कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन से हुई. इसके उपरांत समारोह में अपने विचार व्यक्त करते ग्राम प्रधान प्रतिनिधि वाहिद अंसारी ने कहा कि बाबासाहेब ने हमें 'शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो' का मंत्र दिया, जिस पर चलकर आज हम सब अपने समाज व देश को महान बना सकते है. इस अवसर पर तरुण चेतना के निदेशक नसीम अंसारी ने बताया कि बाबासाहेब का जीवन सामाजिक न्याय और शिक्षा के लिए समर्पित था. उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा चलाए जा रहे 'बेटी शिक्षा अभियान' की प्रेरणा भी डॉ. अम्बेडकर के विचारों से ही मिलती है. श्री अंसारी ने जोर देकर कहा कि आज की बेटियों और युवाओं के लिए शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है.समारोह के पूर्व महिलाओं, युवाओं और किशोरियों ने 'जय भीम' के नारों के साथ गाँव के एक छोर से छोर तक जागरूकता रैली निकाली, जिसमे बाबा साहब के विचारों जोर शोर से प्रसारित किया गया।
इस अवसर पर स्थानीय युवाओं और बालिकाओं ने डॉ. अम्बेडकर के जीवन पर आधारित नुक्कड़ नाटक और गीत प्रस्तुत किए.कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया और शिक्षा व समानता के लिए कार्य करने की शपथ ली।
कार्यक्रम में अभिषेक, अमित गौतम, राधा, शकुंतला,उमेश, अनिल गौतम, वृजेश, अक्षय, दीपक चन्द्रनाथ, हकीम अंसारी, मुकीम अंसारी व स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और डा0 अम्बेडकर युवा संगठन बहुता के दो सौ से अधिक युवा व ग्रामीण शामिल हुए. कार्यक्रम का संचालन बाल अधिकार परियोजना के समन्वयक रजनीश सरोज ने किया और धन्यवाद ज्ञापन संस्था की अभियान समन्वयक हुश्ननारा बानो द्वारा दिया गया.
Comments
Post a Comment