दयालगंज बाजार से थोड़ा आगे बीज भंडार संचालक नहर में मिला शव बेटे ने कूच कूच कर हत्या का लगाया आरोप
दयालगंज बाजार से थोड़ा आगे बीज भंडार संचालक नहर में मिला शव बेटे ने कूच कूच कर हत्या का लगाया आरोप
नहर के किनारे पड़ा मिला था शव
दुकान से दोस्तों के साथ निकाला था संचालक
सुबह हुई जानकारी
पुलिस ने शव भेजा पोस्टमार्टम को
पट्टी। दुकान से दोस्तों के साथ निकले बीज भंडार संचालक का नहर के किनारे शव पाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के बेटे ने एक व्यक्ति को नामजद करते हुए हत्या का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया है।आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के अकारीपुर तिवरान गांव निवासी ओम प्रकाश पटेल उम्र 45 वर्ष दयालगंज बाजार में बीज भंडार की दुकान चलाता था। सोमवार की शाम 7:30 बजे उसकी दुकान पर धरौली गांव की लोग आए और उसे अपने साथ लिवा कर चले गए। बेटी रश्मि ने घर से फोन किया तो विलंब से घर पहुंचने की बात कह कर बीज भंडार संचालक ने फोन काट दिया। काफी रात बीत जाने के बाद मोबाइल की घंटी तो बज रही थी पर वह फोन उठाना बंद हो गया और वह घर नहीं लौटा तो परेशान परिजनों ने पुलिस की मदद ली। रात में पुलिस तलाश की पर उसका कहीं पता नहीं चल सका। मंगलवार की भोर में पुलिस ने घर वालों को अचेत अवस्था में ओम प्रकाश दयालगंज से थोड़ा आगे नहर में पड़े होने की सूचना दी। मौके पर पहुंचे घर वाले तो देखा कि ओमप्रकाश की मौत हो चुकी थी। उसके चेहरे व शरीर के अन्य अंगों पर चोट के गंभीर निशान भी दिखाई दिए। इस मामले में मृतक के बेटे शिवम यादव ने साथ में रही एक व्यक्ति को नाम जड़ करते हुए पिता के कुछ-कुछ कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए थाने पर प्रार्थना पत्र दिया है प्रार्थना पत्र में यह भी लिखा है कि घटना स्थल से कुछ दूरी पर साथ में गए धरौली गांव के बृजेश यादव भी बेहोशी की हालत में सड़क के किनारे गिरे पड़े मिले हैं जिन्हें इलाज के लिए ले जाया गया है पुलिस ने मंगलवार की दोपहर गरीब 11:30 बजे शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ भेज दिया है। दुकान संचालक की मौत से बेटे शिवम पत्नी रामरती देवी बेटी रश्मि समेत परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है बेटे शिवम ने दोपहर करीब 12:30 बजे फोन पर बताया कि उसके पिता दो भाई हैं। बड़े पिता महाराज दिन वर्मा परिवार समेत बाहर रहते हैं दोनों का अभी संयुक्त परिवार है मौत की सूचना मिलने पर ओमप्रकाश के बड़े भाई महाराज दिन वर्मा जी घर के लिए रवाना हो गए हैं।
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