अग्निवीर बनकर गांव लौटे पवन कुमार का हुआ भव्य स्वागत, गांव गर्व से झूम उठा
अग्निवीर बनकर गांव लौटे पवन कुमार का हुआ भव्य स्वागत, गांव गर्व से झूम उठा
पट्टी।देश सेवा का जज्बा लेकर अग्निवीर बने महोखरी डडवा गांव के लाल पवन कुमार पुत्र जगन्नाथ बिंद पहली बार गांव पहुंचे तो उडैयाडीह बाजार से लेकर गांव तक उनका ऐतिहासिक स्वागत किया।इस दौरान डीजे की धुन पर देश भक्ति का गीत और "भारत माता की जय" के नारों से इलाका गूंज उठा।उडैयाडीह बाई पास चौराहे से ही पवन के स्वागत का सिलसिला शुरू हो गया। युवाओं ने बाइक रैली निकाली और बुजुर्गों ने फूल-मालाएं पहनाकर पवन को आशीर्वाद दिया। घर पहुंचने पर माता ने आरती उतारी और बहनों ने तिलक लगाकर मुंह मीठा कराया। पवन के पिता जगन्नाथ बिंद ने कहा, "आज मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। बेटा वर्दी पहनकर लौटा है, ये मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है। अग्निवीर बनकर उसने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से हर मुकाम पाया जा सकता है।
वर्दी में गांव लौटे पवन कुमार ने कहा, "देश की रक्षा करना ही मेरा सपना था। अग्निवीर योजना के जरिए वो सपना पूरा हुआ है। मैं गांव के हर युवा से कहना चाहूंगा कि देश सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं। मेहनत करो, अनुशासन रखो, तिरंगे की शान बढ़ाओ।पवन ने बताया कि ट्रेनिंग बहुत कठिन थी, पर देशभक्ति का जज्बा हर मुश्किल को आसान बना देता है। गांव लौटकर मिट्टी की खुशबू और मां की ममता ने सारी थकान दूर कर दी।
स्वागत में गांव के विनोद कुमार तिवारी,प्रेम कुमार श्रावण कुमार मिश्र, नन्हे लाल,गोलू तिवारी, पंकज कुमार,ओम प्रकाश, सुभाष चन्द्र तिवारी, राजेन्द्र प्रसाद, सुरेंद्र दुबे सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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