नगर पंचायत पट्टी के तीन वर्षों के विकास कार्यों का मांगा गया हिसाब, RTI से खुलेगा खर्च का पूरा ब्यौरा,करोड़ों रुपये के बजट, टेंडर, भुगतान, ऑडिट रिपोर्ट और निर्माण कार्यों की जानकारी तलब
नगर पंचायत पट्टी के तीन वर्षों के विकास कार्यों का मांगा गया हिसाब, RTI से खुलेगा खर्च का पूरा ब्यौरा,
करोड़ों रुपये के बजट, टेंडर, भुगतान, ऑडिट रिपोर्ट और निर्माण कार्यों की जानकारी तलब
पट्टी। नगर पंचायत पट्टी में कराए गए विकास कार्यों और सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है। वार्ड संख्या-7 कुम्हिया पट्टी निवासी एवं उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शिवम सिंह ने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत नगर पंचायत से पिछले तीन वित्तीय वर्षों का विस्तृत लेखा-जोखा मांगा है।
आरटीआई आवेदन में शासन, राज्य वित्त आयोग, केंद्रीय वित्त आयोग समेत अन्य मदों से प्राप्त धनराशि का मदवार विवरण मांगा गया है। साथ ही वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में स्वीकृत विकास कार्यों, टेंडर प्रक्रिया, कार्यादेश, भुगतान विवरण, माप पुस्तिका (एमबी), बिल-वाउचर और ऑडिट रिपोर्ट की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की गई है।अधिवक्ता ने नगर पंचायत क्षेत्र में कराए गए सड़क निर्माण, नाली निर्माण, इंटरलॉकिंग, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, सामुदायिक शौचालय, सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन और वाहनों की खरीद से जुड़ी सूचनाएं भी मांगी हैं। इसके अलावा संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति, भुगतान तथा संबंधित अभिलेखों का भी ब्योरा तलब किया गया है।आरटीआई में यह भी पूछा गया है कि विकास कार्यों में यदि किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिली हो तो उसकी जांच, कार्रवाई और अनुपालन रिपोर्ट की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए। वर्ष 2023-24 से अब तक कराए गए सभी ऑडिट और उन पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
अब नगर पंचायत प्रशासन पर तय समय सीमा के भीतर सूचनाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है। आरटीआई के माध्यम से मांगी गई जानकारी सार्वजनिक होने के बाद विकास कार्यों और सरकारी धन के खर्च को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
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