बैगलेस डे पर बच्चों ने बनाई और उड़ाई पतंगें, रचनात्मकता को मिला बढ़ावा
बैगलेस डे पर बच्चों ने बनाई और उड़ाई पतंगें, रचनात्मकता को मिला बढ़ावा
पट्टी।आसपुर देवसरा विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर-हैदरपुर में शनिवार को '10 बैगलेस दिवस' कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगी पतंगें बनाकर उन्हें उड़ाया। गतिविधि के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता, हस्तशिल्प कौशल, टीमवर्क और अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।कार्यक्रम का आयोजन बेसिक शिक्षा विभाग और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निर्देशन में किया गया। मार्गदर्शक शिक्षक योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को समूहों में विभाजित कर रंगीन कागज, लकड़ी, गोंद और धागा उपलब्ध कराया गया। बच्चों को पहले तैयार पतंगों के नमूने दिखाए गए, जिसके बाद उन्होंने अपनी कल्पनाशक्ति का उपयोग करते हुए आकर्षक पतंगें तैयार कीं।
पतंग निर्माण के दौरान विद्यार्थियों ने कागज काटने, लकड़ियों को संतुलित ढंग से चिपकाने और सुंदर डिज़ाइन बनाने का अभ्यास किया। तैयार पतंगों को विद्यालय परिसर में उड़ाकर बच्चों ने अपनी खुशी का इजहार किया। पूरे परिसर में उत्साह और रचनात्मक माहौल देखने को मिला।मार्गदर्शक शिक्षक योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि एससीईआरटी के 'आनन्दम' मॉड्यूल के तहत आयोजित बैगलेस दिवस का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय शिक्षा के साथ व्यावहारिक और कौशल आधारित सीखने का अवसर देना है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के अनुरूप संचालित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों से बच्चों में समस्या समाधान क्षमता, आत्मविश्वास, नेतृत्व, सहयोग की भावना और सृजनात्मक सोच का विकास होता है। विद्यालय परिवार ने बताया कि भविष्य में भी बैगलेस दिवस के तहत हस्तशिल्प, कला, विज्ञान, कृषि और जीवन कौशल से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।
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