लगातार हादसों के बाद भी नींद में वन विभाग, उडैयाडीह से महुली नहर तक सूखे पेड़ बने मौत का फंदा,सैकड़ों सूखे पेड़ गिरने के इंतजार में, हादसों के बावजूद नहीं हो रही कटाई,
लगातार हादसों के बाद भी नींद में वन विभाग, उडैयाडीह से महुली नहर तक सूखे पेड़ बने मौत का फंदा,
सैकड़ों सूखे पेड़ गिरने के इंतजार में, हादसों के बावजूद नहीं हो रही कटाई,
पट्टी।कंधई के उडैयाडीह मोड़ से लेकर दिलीप पुर थाना क्षेत्र के खमपुर महुली नहर तक सड़क किनारे खड़े सैकड़ों सूखे पेड़ राहगीरों के लिए जानलेवा बन गए हैं। पिछले कुछ महीनों में यहां तेज आंधी और बारिश के कारण कई बार पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर चुकी हैं, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हुए और लोग बाल-बाल बचे। इसके बावजूद वन विभाग कटाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। बीते बुधवार को कंधई के रखहा बाजार निवासी कलीम अंसारी उर्फ टेलर 48 के उपर सूखे पेड़ की डाली गिरने से प्रयागराज में जिंदगी मौत से जूझ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ये पेड़ 10-15 साल से सूख चुके हैं। तेज हवा चलने पर बड़ी-बड़ी डालियां सीधे सड़क पर गिरती हैं। रोजाना सैकड़ों दोपहिया और चारपहिया वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं। स्कूल के बच्चे और किसान भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।
तेरहमील गांव के रमेश कुमार मिश्र ने भी दुकान के सामने खूखा पेड काटने की शिकायत दर्ज कर चुके हैं। गहरी गांव के अनुज मिश्रा ने बताया की , मई महीने मे एक ट्रक के ऊपर मोटी डाली गिर गई थी। ड्राइवर को गंभीर चोट आई वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था। पट्टी कोतवाली क्षेत्र के गडौरी गांव निवासी शिव प्रसाद विश्वकर्मा लगातार शिकायत कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, वही पिपरी खालसा गांव निवासी अधिवक्ता रवि कुमार द्विवेदी के घर सामने सूखा पेड़ मौत को दावत दे रहा है, अधिवक्ता कहा कि हमने कई बार जिला अधिकारी व वन विभाग में शिकायत की, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।"वही जून महीने में मोलानी गांव में 11 हजार की लाइन पर शीशम का पेड़ गिरने से घंटों तक यातायात प्रभावित रहा और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग सिर्फ कागजों पर पत्राचार कर रहा है। फाइलें एक विभाग से दूसरे विभाग में घूम रही हैं, जबकि खतरा हर दिन बढ़ता जा रहा है।
वन विभाग के एक एक दरोगा ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि कटाई के लिए उच्च अधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। प्रक्रिया पूरी होते ही सूखे पेड़ों को चिन्हित कर हटाया जाएगा। हालांकि लोगों का सवाल है कि अनुमति आने तक कोई अनहोनी हो गई तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि युद्धस्तर पर सूखे पेड़ों की कटाई कराई जाए, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।इस संबंध में डीएफओ प्रतापगढ़ आशुतोष गुप्ता से बात की गई उन्होंने बताया की पेड़ काटने की अनुमति हमारे विभाग से दी जाती है, सूखें पेड़ों को काटने का काम पीडब्ल्यूडी विभाग का होता है। जो वन विभाग के कार्यक्षेत्र में होगा उसे जल्द ही हटाया जाएगा।
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