सीएचसी पट्टी में एडी का औचक निरीक्षण: बंद मिला मुख्य दवा भंडार, एक्सपायरी दवाओं और बाहर की पर्चियों ने खोली लापरवाही की पोल,निरीक्षण के दौरान अस्पताल में रहा अफरा तफरी का माहौल,
सीएचसी पट्टी में एडी का औचक निरीक्षण: बंद मिला मुख्य दवा भंडार, एक्सपायरी दवाओं और बाहर की पर्चियों ने खोली लापरवाही की पोल,
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में रहा अफरा तफरी का माहौल,
पट्टी। नगर के सेठ पन्नालाल खंडेलवाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार को प्रयागराज मंडल से पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम के औचक निरीक्षण ने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली की कलई खोलकर रख दी है। एडी (स्वास्थ्य) डॉ. राजेश कुमार के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी के दौरान न केवल व्यवस्थाएं लचर मिलीं। बल्कि मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाने का बड़ा खेल भी उजागर हुआ। यहां पर जांच के दौरान बंद मिला दवा भंडार गृह तो इसी के साथ जब उसे खुलवाने के लिए टीम ने कहा तो इसकी चाभी ही अधीक्षक के पास नहीं मिली।निरीक्षण की शुरुआत में ही उस समय अफरा-तफरी मच गई जब टीम ने मुख्य औषधीय भंडार की जांच करनी चाही। भंडार कक्ष का ताला नहीं खुला और अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर आरपी भारती स्वयं मौके पर मौजूद होने के बावजूद दवा भंडार की चाबी उपलब्ध कराने में विफल रहे। दवा भंडार का ताला न खुल पाना अस्पताल प्रशासन की भारी लापरवाही को दर्शाता है।पैथोलॉजी लैब और दवा स्टोर की गहन जांच के दौरान टीम को वहां भारी मात्रा में एक्सपायर्ड हो चुकी दवाएं मिलीं। मरीजों के स्वास्थ्य के साथ इस सीधे खिलवाड़ को देखकर एडी डॉ. राजेश कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित स्टाफ को मौके पर ही जमकर फटकार लगाई।निरीक्षण के दौरान जांच टीम के हाथ डॉक्टरों द्वारा बाहर से लिखी गई दवाओं की पर्चियां लगीं। जब टीम ने इन पर्चियों को दिखाते हुए सवाल किया कि ये दवाएं अस्पताल में उपलब्ध होने के बावजूद बाहर से क्यों लिखी जा रही हैं, तो सीएचसी अधीक्षक समेत वहां मौजूद सभी डॉक्टर बगल झांकते नजर आए। किसी भी डॉक्टर के पास कोई ठोस जवाब नहीं था। सभी गोलमोल बातें बनाकर बचने की कोशिश करते रहे।टीम में एडी डॉ. राजेश कुमार के साथ डिविजनल पीएम हरीश सक्सेना और लॉजिस्टिक्स मैनेजर दिनेश शामिल रहे। इस दौरान सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.पी. भारती सहित अन्य चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।
मीडिया से बातचीत में एडी डॉ. राजेश कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और सरकारी दवाएं मुहैया कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण में सामने आई खामियां, विशेषकर बाहर की दवाएं लिखना और एक्सपायरी दवाओं का मिलना, बेहद गंभीर हैं। उन्होंने इन सभी विसंगतियों को तत्काल दूर करने के सख्त निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी है कि दोबारा ऐसी लापरवाही मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान यहां पर अफरा तफरी का माहौल रहा।
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