गाजी चौराहा-कटरा सड़क चौड़ीकरण की जद में पेड़, युवाओं ने संरक्षण का लिया संकल्पविद्यार्थियों ने पेड़ों को बांधा रक्षासूत्र, पेड़ों से चिपककर दिया पर्यावरण बचाने का संदेश

गाजी चौराहा-कटरा सड़क चौड़ीकरण की जद में पेड़, युवाओं ने संरक्षण का लिया संकल्प

विद्यार्थियों ने पेड़ों को बांधा रक्षासूत्र, पेड़ों से चिपककर दिया पर्यावरण बचाने का संदेश
प्रतापगढ़। गाजी चौराहा से कटरा तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले पेड़ों को बचाने के लिए सोमवार को छात्र-छात्राओं, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जनजागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान विद्यार्थियों ने पेड़ों को रक्षासूत्र बांधकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया और पेड़ों से चिपककर प्रकृति की रक्षा का संदेश दिया।

अभियान से जुड़े लोगों के मुताबिक, प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के मार्ग में करीब 400 से 600 पेड़ों के प्रभावित होने की संभावना है। इसी को लेकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े युवाओं ने पेड़ों को बचाने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में आत्रेय एकेडमी के छात्र-छात्राओं के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पेड़ों को रक्षासूत्र बांधे। युवाओं और बच्चों ने पेड़ों से चिपककर इनके संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान “पेड़ों की रक्षा कौन करेगा—हम करेंगे, हम करेंगे” और “पेड़ बचाओ, पर्यावरण बचाओ” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।

बड़े पेड़ों को काटना चिंता का विषय : सुंदरम तिवारी

राज्य युवा पुरस्कार से सम्मानित सुंदरम तिवारी ने कहा कि सड़क और आधारभूत ढांचे का विकास आवश्यक है, लेकिन विकास के नाम पर वर्षों पुराने बड़े पेड़ों को काटना चिंता का विषय है। एक बड़े वृक्ष को तैयार होने में दशकों लगते हैं, जबकि उसे काटने में कुछ ही मिनट लगते हैं।उन्होंने कहा कि बड़े पेड़ स्थानीय पर्यावरण, पक्षियों, जीव-जंतुओं, मिट्टी, जलवायु और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण की योजनाओं में पेड़ों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए वैकल्पिक विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।उन्होंने शासन-प्रशासन से आग्रह किया कि जहां संभव हो, सड़क की डिजाइन अथवा निर्माण योजना में आवश्यक बदलाव कर बड़े और महत्वपूर्ण पेड़ों को बचाने के विकल्प तलाशे जाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं का यह अभियान किसी के विरोध में नहीं, बल्कि प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के हित में शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक जनजागरूकता अभियान है।

विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए किया प्रेरित

आत्रेय एकेडमी के फाउंडर एवं प्रिंसिपल अनिंद्या शंकर ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि बच्चों और युवाओं को प्रकृति से जोड़ना आज की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश परिवार, विद्यालय और समाज तक पहुंचाने की अपील की।कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ पेड़ों की उपयोगिता, स्थानीय पर्यावरण, जैव विविधता, सड़क विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित वातावरण सुरक्षित रखने जैसे विषयों पर संवाद किया गया।इस अवसर पर अवनीश पांडेय, राम शर्मा, नेहा पाल, रवि शर्मा, सूरज, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभाग संयोजक अनिल, सामाजिक कार्यकर्ता अमित भट्ट एवं अरुण ओझा समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, युवा और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

युवाओं ने लिया सामूहिक संकल्प

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और युवाओं ने पेड़ों की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से लगातार प्रयास करने का संकल्प लिया।युवाओं ने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन ऐसा विकास भी जरूरी है जिसमें पेड़, जल, जमीन, जंगल, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों के हितों का ध्यान रखा जाए।अभियान के माध्यम से शासन-प्रशासन से सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाले बड़े एवं महत्वपूर्ण पेड़ों के संरक्षण के लिए सभी संभावित विकल्पों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की गई, ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कायम किया जा सके।

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