*जापानी इंसेफेलाइटिस एक संक्रामक रोग है, गंदगी से बचाव ही वास्तविक उपचार-बीएसए*
*जापानी इंसेफेलाइटिस एक संक्रामक रोग है, गंदगी से बचाव ही वास्तविक उपचार-बीएसए*
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प्रतापगढ़। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने जिले के समस्त परिषदीय प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व इंचार्य प्रधानाध्यापकों को जारी अपने निर्देश में कहा है कि 02 अप्रैल से 16 अप्रैल तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) जो एक संक्रामक रोग है जिसे हम मस्तिष्क ज्वर या दिमागी बुखार के रूप में भी जानते है से सावधानी व वचाव के सम्बंध में जागरूकता अभियान चलाने जा रहा है जिसमे सभी सहयोग की भावना से जुटे। बीएसए ने कहा है कि शिक्षक बच्चों को बताए कि यह एक जान लेवा बीमारी है जो पालतू सुअर और जंगली पक्षियों से फैलने वाला रोग है। ज्यादा गंदगी वाली जगह पर भी यह वायरस पनपता है और एक बार शरीर के संपर्क में आने पर यह सीधे हमारे दिमाग को चला जाता है।
बीएसए ने शिक्षकों से जागरूकता रैली निकाल कर लोगो मे यह सन्देश भी दे कि यदि बुखार, सिरदर्द,गर्दन जकड़न, कमजोरी और उल्टी प्रतीत होने पर सीधे डॉक्टर से संपर्क भी करें।1 वर्ष से 15 वर्ष के बच्चों को टीकाकरण अनिवार्य रूप से कराने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया जाय।
बीएसए ने कहा है कि स्लोगन - मच्छर से आप करो बचाव,दिमागी बुखार से बचने का है उपाय।
अपने वच्चों को जे0ई0 का टीका लगवाएं, दिमागी बुखार को दूर भगाए।
बीमारी से बचने का सिर्फ एक उपाय, टीकाकरण व स्वच्छता अपनाएं के माध्यम से लोगो को जागरूक बनाने का कार्य भी करे।
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