रिश्वत मांगने पर सतर्कता अधिष्ठान करेगा रंगे हाथ गिरफ्तार,विजिलेंस विभाग लोगों को जागरूक करने के लिए चलाया अभियान,
रिश्वत मांगने पर सतर्कता अधिष्ठान करेगा रंगे हाथ गिरफ्तार,
विजिलेंस विभाग लोगों को जागरूक करने के लिए चलाया अभियान,
प्रतापगढ़ ।प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश स्तरीय विशिष्ट संस्था सतर्कता अधिष्ठान द्धारा एक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत रिश्वत लेने वाले व भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों/कर्मचारियों की अब खैर नहीं है। इसके लिए प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के निदेशक द्वारा विजिलेंस विभाग के सभी पुलिस अधीक्षकों को आदेश दिया गया है कि इस जागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचा कर जागरूक किया जाए।
इसी क्रम में विजिलेंस पुलिस विभाग प्रयागराज की पुलिस अधीक्षक ज्ञानमती तिवारी द्वारा प्रतापगढ़, फतेहपुर व कौशांबी में सभी विभागों के अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ ही आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए विजिलेंस इंस्पेक्टर व सिपाहियों को लगाया गया है। गुरुवार को प्रयागराज विजिलेंस टीम ने प्रतापगढ़ जिले के जिला अस्पताल, विकास भवन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रजिस्ट्री कार्यालय, नगर पालिका परिषद सहित विभिन्न कार्यालयों में लोगों को जागरूक किया।
अभियान का मुख्य उद्देश्य लोकसेवकों द्वारा किए जाने वाले भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रहरी के रूप में कार्य करते हुए भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी शासन व्यवस्था सुनिश्चित करना है। सतर्कता अधिष्ठान ने स्पष्ट किया है कि जब कोई लोक सेवक लंबित कार्य के निस्तारण में व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने विवेक का कदाचार पूर्वक इस्तेमाल करता है तो उसे भ्रष्टाचार कहा जाता है।
*इनसेट-*
*कहां कर सकते हैं शिकायत*
भ्रष्टाचार उन्मूलन में आम जनमानस की भागीदारी के लिए तीन स्तर पर शिकायत की व्यवस्था की गई है। जिसमें प्रमुख सचिव, सतर्कता उत्तर प्रदेश शासन को शिकायती पत्र के माध्यम से तथा निदेशक, सतर्कता विभाग व रिश्वत विरोधी हेल्प लाइन नम्बर 9454401866 पर कर सकते हैं।
यदि सरकार के किसी भी लोकसेवक द्वारा सरकारी कार्य करने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही हो तो पीड़ित व्यक्ति हेल्पलाइन नंबर पर फोन से शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत मिलते ही सतर्कता की सम्बन्धित टीम द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए रिश्वत लेने वाले अधिकारी/कर्मचारी को रंगे हाथ पकड़ा जाएगा, तथा शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
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