कवयित्री प्रतिभा पांडेय की राष्ट्रभक्ति कविता पर झूम उठा गोवा: 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' कवि-सम्मेलन संपन्न
कवयित्री प्रतिभा पांडेय की राष्ट्रभक्ति कविता पर झूम उठा गोवा: 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' कवि-सम्मेलन संपन्न
बेलखरनाथ धाम प्रतापगढ़।भाषाएँ अनेक, माटी अलग-भाव एक, महक एक के मूल मंत्र के साथ पोरवोरिम के आजाद भवन में आयोजित भव्य राष्ट्रभक्ति हिंदी कवि-सम्मेलन 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का बुधवार रात गरिमामय समापन हो गया।
कार्यक्रम का आयोजन समान विचारधारा वाले भारतीयों के लिए सहायक संगठन (होली) द्वारा कला एवं संस्कृति निदेशालय तथा लोक निर्माण विभाग, गोवा सरकार के सहयोग से किया गया था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आचार्य विपिन कृष्ण महाराज ने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है और ऐसे आयोजन एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करते हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य सचिव यतींद्र मारलकर ,भारतीय प्रशासनिक सेवा और सचिव संजीव गडकर,भारतीय प्रशासनिक सेवा ने भी कवियों का उत्साहवर्धन किया।
*प्रतिभा पांडेय की कविता पर तालियों की गड़गड़ाहट*
कवि-सम्मेलन का सबसे यादगार क्षण रहा जब प्रसिद्ध कवयित्री श्रीमती प्रतिभा पांडेय ने मंच संभाला। उन्होंने अपनी ओजस्वी रचना "मैं भारत की बेटी हूं, हिंदी मेरी माटी है..से ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। उनकी राष्ट्रभक्ति और नारी शक्ति पर आधारित कविताओं ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
उनके अलावा महेश दुबे ने हास्य-व्यंग्य, सुश्री साक्षी तिवारी ने श्रृंगार, मुकेश गौतम ने वीर रस, प्रिंस ग्रोवर ने गीत और डॉ. विनीत चौहान ने ओज की कविताओं से दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अंकित यादव और गोमती फाउंडेशन के अध्यक्ष कमला प्रसाद यादव सहित बड़ी संख्या में हिंदी प्रेमी, साहित्यकार और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। अंत में होली संस्था ने सभी अतिथियों व कला एवं संस्कृति निदेशालय का आभार व्यक्त किया।
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